राष्ट्रीय संगोष्ठी समारोह का आयोजन किया जाता है। इस संगोष्ठी में प्राच्य विद्या के मूर्धन्य विद्वान् एवं शोधार्थियों द्वारा गवेषकों को शोध की नई-नई तकनीक के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी जाती है। उच्चस्तरीय शोध कार्य हेतु अपेक्षित विविध आयामों पर विशिष्ट दृष्टि प्रदान करना ही इन कार्याक्रमों के आयोजन का मख्य उद्देश्य है।
विगत वर्षों में कार्यशाला / सेमिनार / कान्फ्रेंस का आयोजन :
| क्र० सं० | वित्तीय वर्ष | आयोजित तिथि | सेमिनार कार्यशाला का नाम |
|---|---|---|---|
| 1 | 2020-2021 | 12.01.2021 | स्वामी विवेकानन्द युवा चेतना |
| 2 | 2021-2022 | 12.02.2022 | शैक्षिक विकास में मातृभाषा का महत्त्व |
| 3 | 2023-2024 | 11.03.2024 | नागार्जुन (यात्री जी) की संस्कृत, मैथिली एवं बंगला कविता में आधुनिक भावबोध पर राष्ट्रीय सेमिनार |
| 4 | 2024-2025 | 16.06.2024 | मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान, दरभंगा के उन्नयन की दशा और दिशा |
| 5 | 2024-2025 | 07.02.2025 | भारतीय संविधान का दर्शन स्वतंत्रता और विकास पर राष्ट्रीय सेमिनार |
