हमारे बारे में
16 जून, 1951 ई0 को इण्डोलॉजी एवं संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में अन्तर्राष्टीय स्तर की ख्याति प्राप्त करने हेतु दरभंगा के तत्कालीन महाराजाधिराज डा० सर कामेश्वर सिंह के संस्कृत विद्या के प्रति अगाध प्रेम तथा समर्पण के फलस्वरूप महान् शिक्षाविद्…
एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
संस्कृत एवं अन्य भारतीय भाषाओं का साहित्य और…
भौगोलिक स्थितिः
इस शोध संस्थान की भौगोलिक स्थिति यह है…
प्रकाशन अनुभागः
प्रकाशन अनुभाग द्वारा दुर्लभ ग्रन्थों का प्रकाशन, सम्पादन…
पाण्डुलिपि अनुभागः
इस अनुभाग में मिथिलाक्षर, बंगलाक्षर, देवनागरी तथा अन्य…
