संस्थान का उद्दश्यः-
मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान की स्थापना का मूल उद्दश्य संस्कृत विद्या की बहुविध शाखाओं के अध्ययन-अध्यापन के साथ-साथ उनसे सम्बन्धित उच्च स्तरीय अनुसंधान को भी प्रोत्साहित करना है।
मुख्यतः-
- प्राचीन भारत की आध्यात्मिक परम्पराओं का समुचित प्रचार-प्रसार एवं संरक्षण करना।
- संस्कृत के मूल ग्रन्थों का गम्भीर अध्ययन ।
- संस्कृत शिक्षण प्रशिक्षण में शोध की आधुनिक पद्धतियों का उपयोग।
- पारम्परिक एवं आधुनिक अनुसंधाताओं द्वारा ज्ञान का पारस्परिक आदान-प्रदान।
