प्रकाशन अनुभाग द्वारा दुर्लभ ग्रन्थों का प्रकाशन, सम्पादन का कार्य स्थापना काल से किया जा रहा है। जिसमें अबतक 108 से अधिक दुर्लभ पुस्तक का प्रकाशन किया जा चुका है। प्रकाशन अनुभाग एक समृद्ध अनुभाग के रूप में कार्य कर रहा है। इस संस्थान द्वारा 25 खण्डों में प्रकाशित बौद्ध धर्म ग्रन्थावली विश्व प्रसिद्ध है। प्रकाशन अनुभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तकों को अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्या (ISBN NO) प्राप्त है। संस्थान की ओर से प्रतिवर्ष शोधोपयोगी पत्रिकाओं का प्रकाशन किया जा रहा है। यह पत्रिका शोधार्थियों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। संस्थान के प्रकाशन अनुभाग से प्रकाशित ग्रन्थों एवं शोध पत्रिकाओं की बिक्री से बिहार सरकार को प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आय होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Explore More

छात्रवृत्ति

संस्थान में अध्ययनरत एम०ए० संस्कृत के छात्रों को नामांकन की तिथि से सत्रांत तक प्रतिमाह 500/- (पाँच सौ रूपये) मात्र की छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। पी-एच०डी० एवं डी० लिट्

भौगोलिक स्थितिः

इस शोध संस्थान की भौगोलिक स्थिति यह है कि चारों ओर से बागमती नदी से घिरे बिल्कुल निर्जन स्थान पर अवस्थित है। इस संस्थान परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार

एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

संस्कृत एवं अन्य भारतीय भाषाओं का साहित्य और स्वाधीनता आंदोलन(ऑनलाइन / ऑफलाइन) पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 12 जनवरी 2026 आयोजकमिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान. महेशनगर, दरभंगा (उच्च