इस अनुभाग में मिथिलाक्षर, बंगलाक्षर, देवनागरी तथा अन्य लिपियों में तंत्र, व्याकरण, ज्योतिष, कर्मकाण्ड, मीमांसा, न्याय, न्याय वैशेषिक, वेदान्त, वेद, आयुर्वेद, कामशास्त्र, साहित्य आदि प्राच्य विद्या विषयों में लगभग 12,377 पाण्डुलिपियाँ तालपत्र, भोजपत्रादि पर संस्थान में संरक्षित एवं सुरक्षित हैं।
पाण्डुलिपि अनुभागः
December 9, 2025
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संस्कृत एवं अन्य भारतीय भाषाओं का साहित्य और स्वाधीनता आंदोलन(ऑनलाइन / ऑफलाइन) पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 12 जनवरी 2026 आयोजकमिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान. महेशनगर, दरभंगा (उच्च
प्रकाशन अनुभागः
प्रकाशन अनुभाग द्वारा दुर्लभ ग्रन्थों का प्रकाशन, सम्पादन का कार्य स्थापना काल से किया जा रहा है। जिसमें अबतक 108 से अधिक दुर्लभ पुस्तक का प्रकाशन किया जा चुका है।
भौगोलिक स्थितिः
इस शोध संस्थान की भौगोलिक स्थिति यह है कि चारों ओर से बागमती नदी से घिरे बिल्कुल निर्जन स्थान पर अवस्थित है। इस संस्थान परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार
